

नौकरी तय थी… फिर एक निजी सवाल ने सब बदल दिया
स्त्री संवाद | एक व्यक्तिगत अनुभव मुझे आज भी वह दिन याद है, जब मैं देश के एक प्रमुख विश्वविद्यालय में, असिस्टेंट प्रोफेसर के पद के लिए इंटरव्यू देने गई थी। कई दिनों की तैयारी के बाद मैं वहाँ पहुँची थी। अपनी पढ़ाई, और शिक्षण अनुभव को लेकर मैं आश्वस्त थी। इंटरव्यू की शुरुआत भी अच्छी हुई। मुझसे मेरे शोध विषय, पढ़ाने के तरीकों और अकादमिक(Academic) रुचियों के बारे में सवाल पूछे गए। मुझे लगा कि बातचीत सकारात्मक दिशा में जा रही है। कुछ देर बाद चर्चा अचानक मेरे निजी जीवन की ओर मुड


चारधाम मंदिरों में गैर-हिंदुओं के प्रवेश पर रोक की मांग: क्या है पूरा विवाद?
उत्तराखंड के धार्मिक नेताओं और मंदिर प्रबंधकों ने राज्य सरकार से चारधाम मंदिरों में गैर-हिंदुओं के प्रवेश पर रोक लगाने की मांग की है। यह मांग बदरीनाथ, केदारनाथ, गंगोत्री और यमुनोत्री को लेकर उठाई गई है। कुछ सप्ताह पहले हरिद्वार की ‘गंगा सभा’ ने भी ऐसी ही मांग की थी। गंगा सभा, गंगा घाटों के धार्मिक प्रबंधन से जुड़ा एक ट्रस्ट है। उसने 2027 के कुंभ मेले के दौरान गैर-हिंदुओं के प्रवेश पर प्रतिबंध लगाने की बात कही थी। चारधाम मंदिर प्रवेश पर रोक के पक्ष में तर्क मंदिर आस्था और पूजा


अगर चारधाम यात्रा ‘हिंदू-only’ हो गई, तो ‘वसुधैव कुटुम्बकम्’ सिर्फ़ श्लोक बनकर रह जाएगा
Source- AI generated चारधाम यात्रा पर गैर-हिंदुओं की एंट्री को लेकर उठ रहा विवाद अब केवल एक प्रशासनिक या धार्मिक फैसला नहीं रह गया है। यह बहस सीधे-सीधे भारत की सांस्कृतिक आत्मा और हिंदू धर्म की वैश्विक छवि पर सवाल खड़े करती है। पिछले लेख में हम इसके संभावित फायदे और नुकसान पर चर्चा कर चुके हैं। लेकिन इस बहस का एक और पहलू है, जिसे नज़रअंदाज़ नहीं किया जा सकता - धर्म की वैश्विक स्वीकार्यता का मुद्दा। बीते कुछ दशकों में हिंदू दर्शन ने दुनिया को आकर्षित किया है। योग, वेदांत, गीत













