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उत्तराखंड की ज़मीनी आवाज़ !


उत्तराखंड से पलायन रोकने के दावे हर साल क्यों खोखले साबित हो रहे हैं?
Photo source- AI generated हर चुनाव से पहले एक वादा ज़रूर दोहराया जाता है- “अब उत्तराखंड से पलायन रुकेगा।” नई योजनाएं आती हैं, आयोग बनते हैं, रिपोर्टें जारी होती हैं। लेकिन ज़मीनी सच्चाई यह है कि हर साल गांव और खाली होते जा रहे हैं। सवाल यह नहीं है कि पलायन हो रहा है या नहीं। सवाल यह है कि इसे रोकने के दावे हर बार असफल क्यों हो जाते हैं? सरकारों का कहना है कि रोजगार बढ़ रहा है और स्वरोजगार को बढ़ावा दिया जा रहा है। कागजों में सब कुछ ठीक दिखता है। लेकिन अगर आप किसी पहाड़ी गांव
Feb 62 min read


उत्तराखंड में वन भूमि कब्ज़े पर सुप्रीम कोर्ट का सख़्त रुख
उत्तराखंड में बड़े पैमाने पर हो रहे वन भूमि कब्ज़े (लैंड ग्रैबिंग) के मामलों को लेकर सुप्रीम कोर्ट ने हाल ही में बेहद सख़्त रुख अपनाया है। शीर्ष अदालत ने राज्य सरकार और प्रशासन की भूमिका पर गंभीर सवाल खड़े करते हुए कहा कि अधिकारी “मूक दर्शक” बने रहे, जबकि उनकी आँखों के सामने वन भूमि पर अवैध कब्ज़ा किया जा रहा था। प्रशासन की विफलता पर सवाल अदालत ने वन संरक्षण को राज्य का संवैधानिक दायित्व बताते हुए प्रशासन की विफलता पर गंभीर सवाल उठाए। अदालत ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि यह स्थि
Jan 203 min read


Winter Forest Fire में उत्तराखंड शीर्ष पर, दो महीनों में 1900 से अधिक अलर्ट: Forest Survey of India की रिपोर्ट
Image source- Self उत्तराखंड ने इस सर्दी के मौसम (नवंबर से अब तक) में लगभग 1,900 वनाग्नि (forest fire) अलर्ट प्राप्त किए हैं, जो पूरे देश में सबसे अधिक संख्या है। इसमें मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र, छत्तीसगढ़ और कर्नाटक जैसे राज्यों के मुकाबले उत्तराखंड का आंकड़ा शीर्ष पर है।सामान्यतः बर्फ और ठंड से सुरक्षित रहने वाले जंगलों में इस समय आग लगना जलवायु परिवर्तन, घटती नमी और बिगड़ते वन प्रबंधन की ओर इशारा करता है । उत्तराखंड के वन मंत्री सुबोध उनियाल ने TOI को बताया कि 20% अलर्ट R
Jan 202 min read